बुधवार, 5 नवंबर 2014

तुम कौन हो?

आँखों  में छुपी नमी  हो
या हँसी  से फूटती
खिलखिलाहट हो तुम
तुम  कौन  हो?
हकीकत  हो
या  अफसाना
जो भी  हो खुलकर बताना
तुम  कौन  हो?
एक  अजनबी
या  अजीज
जो रहते  हो  दिल  के  करीब
तुम  कौन  हो?
एक ख्वाब
या महज एक सवाल
ख्याल  हो तुम
तुम  कौन हो?
एक  हवा  का झोंका
या  थाम  ले  जो तूफां
तुम  कौन  हो?
माझी  हो, पतवार हो
या  जल  की  महज
एक  धार  हो
तुम  कौन  हो?
एक   दिलकश  महक
या  फिर  मेरे  दिल  में
फूटते  अंकुर  हो  तुम
तुम  कौन  हो?
तुम  महज  किनारे  हो
या  मेरे  सूने जीवन के
चाँद-तारे  हो
तुम कौन हो?
तुम  मेरी  मुस्कान हो
या  मेरी  पहचान हो
तुम  कौन हो
तुम  कौन  हो?
 

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