हर दिन मिले महिलाओं को सम्मान
जीवन में कुछ कर
गुजरने की चाहत हो तो कोई भी बाधा उसे रोक नहीं सकती। ऐसा ही कुछ कर दिखाया
लक्ष्मी अग्रवाल ने। एसिड हमले से पीड़ित लक्ष्मी अब एसिड अटैक पीड़ितों को सशक्त
बनाने और उनमें आत्मसम्मान जगाने के लिए पुरजोर कोशिश कर रही हैं।
जब लक्ष्मी
अग्रवाल केवल 15 वर्ष की थीं तभी
उन पर एसिड हमला हुआ था। एक 32 वर्षीय व्यक्ति के शादी के प्रस्ताव को खारिज करने पर उसने लक्ष्मी पर एसिड
हमला किया था। यह वाक्या लक्ष्मी की आत्मा को झकझोर कर रख देने वाला था लेकिन उन्होंने
हार नहीं मानी। उन्होंने अपने सपनों को आगे बढ़ाने और इस तरह के सभी पीड़ितों के
लिए लड़ने का फैसला किया। इसके बाद लक्ष्मी एक गैर सरकारी संगठन जो भारत में एसिड
हमले में जीवित बचे लोगों की मदद करने को गठित किया गया है, उससे जुड़ीं। लक्ष्मी
कहती हैं कि यह तो सिर्फ शुरुआत है। उन्हें अभी इस तरह के लोगों के लिए बहुत कुछ
करना है। 2013 में वह दिल्ली
में स्टाप एसिड अटैक अभियान के तहत एक कैफे की स्थापना की। इस कैफे का मुख्य उद्देश्य एसिड पीड़ितों को एक छत के नीचे खुशी और प्रोत्साहन
का एक ऐसा माहौल देना हैं जिसमें वह अपने खोये हुए आत्मविश्वास को दुबारा पा सकें।
यहां कार्यकर्ताओं में ज्यादातर महिलायें हैं जो एसिड अटैक की वजह से अपना
आत्मविश्वास खो चुकी हैं लेकिन वे सभी बहुत बहादुर हैं और अपने अस्तित्व के लिए
लड़ रही हैं। यही कारण है कि दिल्ली में शुरुआत करने के बाद लक्ष्मी आगरा और लखनऊ
में भी कैफे की दो और शाखाएं स्थापित करने में सफल रहीं।
लक्ष्मी अग्रवाल
एक भारतीय प्रचारक और एक टीवी होस्ट हैं। वह एसिड हमले के शिकार लोगों के अधिकारों
के लिए बोलती हैं। उन्होंने कहा कि समाज उसकी तरह पीड़ितों की कम से कम सहायक है। लक्ष्मी के अनुसार सरकारी विभागों के उच्च अधिकारियों पर दबाव डाला जाता है जोकि
काम नहीं करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनकी टीम को कभी भी सरकार की ओर से
सहायता प्राप्त नहीं हुई। जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने
खुद उनके कैफे का दौरा किया तो उन्हें एसिड हमले के शिकार होने वाले लोगों की
पीड़ा का एहसास हुआ। वह आज की महिलाओं के लिए एक प्रेरणा हैं, जो इस तरह के हमले
के बाद अपने जीवन को समाप्त मानती हैं। लक्ष्मी ने कहा कोई विपत्ति अपके सपनों का
एक विध्वंसक रूप हो सकती है लेकिन यदि इच्छाशक्ति हो तो हर मुसीबत से पार पाया जा
सकता है।



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